
बर्लिन: लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट केस में बड़ी कामयाबी मिली है. धमाके के आरोपी जसविंदर सिंह मुल्तानी को जर्मनी में गिरफ्तार कर लिया गया है. भारत के अनुरोध पर जर्मनी पुलिस ने जसविंदर सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार किया है. लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट केस का आरोपी जसविंदर सिंह मुल्तानी सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा हुआ है. जसविंदर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा था. उसने आईएसआई के इशारे पर लुधियाना कोर्ट में धमाके की साजिश रची.
सूत्रों के मुताबिक, जसविंदर सिंह मुलतानी खालिस्तानी आतंकियों को हथियार मुहैया कराने में लगा था जिससे मुंबई और दिल्ली पर भी आतंकी हमले कराए जा सकें. मोदी सरकार ने Highest Level पर जर्मनी की सरकार से आरोपी जसविंदर सिंह मुल्तानी पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. पाकिस्तान से जसविंदर सिंह मुल्तानी को हथियार मिल रहे थे.
जान लें कि बीते 23 दिसंबर को पंजाब में लुधियाना के कोर्ट में धमाका हुआ था, जिसमें 1 शख्स की मौत हो गई थी और 6 लोग घायल हो गए थे. बाद में पुलिस की जांच में पता चला कि बम लगाते वक्त धमाका हो गया था और बम लगाने आया पंजाब पुलिस का बर्खास्त कॉन्स्टेबल गगनदीप धमाके की चपेट में आकर मर गया था.
गगनदीप पंजाब के खन्ना शहर का रहने वाला था. साल 2019 में गगनदीप के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. उसके बाद से वो लुधियाना सेंट्रल जेल में बंद था. जेल के अंदर ही उसने लुधियाना कोर्ट में धमाके की साजिश रची थी. इसी साल सितंबर महीने में गगनदीप जेल से बाहर आया था.
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस मृतक गगनदीप का लैपटॉप और मोबाइल भी बरामद कर चुकी है. जांच में पता चला है कि आंतकी रिन्दा ने गगनदीप से लुधियाना कोर्ट में ब्लास्ट करने के लिए कहा था.




